Course Duration
18 घंटे
18 घंटे
Videos
90 मिनट/ सत्र
90 मिनट/ सत्र
No. Of Sessions
12
12
Sessions per week
1
1
Language
Hindi
Eligibility
कोई भी इच्छुक भक्त
कोई भी इच्छुक भक्त
Schedule of Classes
Starts on
-
सायं 4 से 5:30 बजे तक
Regular classes onशनिवार
About the Teacher
Dhir Prashant Das
About the Teacher
धीर प्रशांत दास, उनकी दिव्य कृपा श्रील राधानाथ स्वामी महाराज के शिष्य हैं। उन्होंने 1999 में इस्कॉन से जुड़कर भक्ति मार्ग अपनाया। वर्तमान में वे इस्कॉन पुणे, भारत में एक पूर्णकालिक संन्यासी के रूप में सेवा कर रहे हैं।
वे पुणे केंद्र में भक्तिशास्त्री और भक्तिवैभव पाठ्यक्रमों के लिए नियमित रूप से भक्तिशास्त्र पढ़ाते हैं। वे भगवद गीता, ईशोपनिषद और गौड़ीय परंपरा के अन्य ग्रंथों का अध्ययन और शिक्षण करते हैं, विशेष रूप से विद्यार्थियों और कॉर्पोरेट युवाओं के बीच। वे शास्त्रों की गहरी और तार्किक व्याख्या के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं।
Course Overview
पाठ्यक्रम का नाम
महाभारत: श्रीमध्वाचार्य के दृष्टिकोण से
पाठ्यक्रम का विवरण
महाभारत की प्रमुख घटनाओं, पात्रों और दार्शनिक शिक्षाओं का अध्ययन।
पाठ्यक्रम की विषयवस्तु
- महाभारत के प्रमुख पात्रों के पूर्वजन्म एवं वास्तविक स्वरूप।
- द्रौपदी ने पाँच पतियों से विवाह क्यों किया?
- क्या कर्ण के कार्य उचित थे?
- क्या द्रोणाचार्य के कार्य उचित थे?
- श्रीव्यासदेव ने श्रीमध्वाचार्य को महाभारत पर भाष्य लिखने का निर्देश क्यों दिया?
- महाभारत की प्रमुख घटनाओं के आध्यात्मिक एवं दार्शनिक अर्थ।
लक्षित विद्यार्थी
महाभारत एवं उसकी आध्यात्मिक शिक्षाओं में रुचि रखने वाला कोई भी व्यक्ति।
विद्यार्थी इस पाठ्यक्रम से क्या सीखेंगे?
- श्रीमध्वाचार्य के दृष्टिकोण से महाभारत को समझने की स्पष्टता।
- प्रमुख पात्रों, घटनाओं एवं नैतिक दुविधाओं की गहरी समझ।
इस पाठ्यक्रम में क्यों सम्मिलित हों?
- महाभारत की प्रचलित व्याख्याओं से आगे बढ़कर उसके गूढ़ अर्थों को समझने के लिए।
- श्रीमध्वाचार्य के दार्शनिक दृष्टिकोण से महाभारत का अध्ययन करने के लिए।
यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों की किन समस्याओं का समाधान करेगा?
- महाभारत की विभिन्न व्याख्याओं से उत्पन्न होने वाला भ्रम।
- प्रमुख पात्रों के कार्यों एवं उनके उद्देश्यों को समझने में कठिनाई।
- महाभारत की प्रमुख घटनाओं के दार्शनिक एवं आध्यात्मिक महत्त्व को समझने में अस्पष्टता।