संपूर्ण चैतन्य चरितामृत (प्रवाह-रूप)

By Ramanuja Dasa

Certificate Course

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Course Duration

48 घंटे

Videos

2 घंटे/सत्र

No. Of Sessions

24

Sessions per week

2

Language
Hindi

Eligibility

कोई भी

Schedule of Classes

calendar

Starts on
-

calendar

शाम 4 से 6 बजे तक (भारतीय समयानुसार)

Regular classes on

शनिवार-रविवार

About the Teacher

teacher

Ramanuja Dasa

रामानुज दास वर्ष1997 में इस्कॉन के संपर्क में आए और वर्ष 2002 में श्री श्रीमद् राधा गोविंद गोस्वामी महाराज से आध्यात्मिक दीक्षा प्राप्त की। इन्होंने श्री श्रीमद् गौरकृष्ण गोस्वामी महाराज और श्री श्री वृंदावन चंद्र गोस्वामी महाराज के आश्रय में कुछ समय श्रीमद् भागवत का अध्ययन भी किया। वर्तमान में अपने वृद्ध माता-पिता के साथ बरसाना में रहते हैं और श्रीमद्भागवत के अध्ययन में यथासंभव रत रहते हुए ऑनलाइन प्रचार करते रहते हैं।

Course Overview

पाठ्यक्रम विवरण:

चैतन्य चरितामृत केवल अध्ययन करने के लिए एक ग्रंथ मात्र नहीं है; यह एक पवित्र दिव्य कथा है जिसे जीवन में अनुभव और आचरण के माध्यम से जीने के लिए प्रस्तुत किया गया है। श्रील कृष्णदास कविराज गोस्वामी द्वारा रचित यह ग्रंथ अत्यंत सावधानीपूर्वक श्री चैतन्य महाप्रभु के जीवन, उनके मिशन, संबंधों, यात्राओं और उनके आंतरिक भाव-जगत को संरक्षित करता है, और एक निष्कपट श्रोता के लिए उनके जीवन-प्रवास को क्रमबद्ध रूप से प्रकट करता है।

यह 24 सत्रों का पाठ्यक्रम प्रतिभागियों को महाप्रभु के साथ उनके जीवन-प्रवास में चलने का आमंत्रण देता है — नवद्वीप की आनंदमयी गलियों से लेकर जगन्नाथ पुरी की गहन आंतरिक समाधि तक। यह पाठ्यक्रम चैतन्य चरितामृत की संपूर्ण कथा-धारा का अनुसरण करता है, जिसे क्रमिक एवं कथा-आधारित शैली में प्रस्तुत किया गया है, ताकि श्रोता यात्रा, निरंतरता और आंतरिक परिवर्तन की अनुभूति कभी न खोए।

इस ग्रंथ को दार्शनिक पाठ्यपुस्तक या श्लोक-दर-श्लोक विश्लेषण के रूप में प्रस्तुत करने के स्थान पर, यह पाठ्यक्रम चैतन्य चरितामृत को एक जीवंत दिव्य कथा के रूप में प्रस्तुत करता है। इसमें मुख्य ध्यान महाप्रभु की प्रमुख लीलाओं, महत्वपूर्ण मिलनों, भावनात्मक मोड़ों और उनके जीवन की आंतरिक आध्यात्मिक गतियों पर केंद्रित रहता है। दार्शनिक एवं सिद्धान्तिक विषयों को संक्षिप्त और प्रसंगानुसार रखा गया है, और उन्हें केवल वहीं प्रस्तुत किया गया है जहाँ वे कथा के प्रवाह से स्वाभाविक रूप से प्रकट होते हैं।


लक्षित दर्शक:

• जो भक्त चैतन्य चरितामृत को एक पूरी जीवन-यात्रा के रूप में समझना चाहते हैं।

• जो लोग गहरे विश्लेषण के बजाय शांत होकर सुनना और चिंतन करना पसंद करते हैं।

• जो महाप्रभु के जीवन को एक पवित्र और क्रमशः प्रकट होने वाली लीला के रूप में जानना चाहते हैं।


आप क्या सीखेंगे:

• आदि से अन्त्य लीला तक महाप्रभु की सम्पूर्ण जीवन-यात्रा।

• संकीर्तन आंदोलन का उद्देश्य और करुणामय संदेश।

• महाप्रभु एवं उनके पार्षदों के दिव्य संबंध और भक्ति-भावों का विकास।

• कथा-श्रवण के माध्यम से भक्ति को जीवन में अनुभव करने की प्रेरणा।


इस कोर्स की विशेषताएँ:

• महाप्रभु की लीलाओं एवं भक्ति-भावों पर केंद्रित अध्ययन

• प्रसंगानुसार सिद्धान्त एवं तत्त्व की स्पष्ट समझ

• श्रवण, मनन और आंतरिक अनुभव पर आधारित वातावरण


पाठ्यक्रम से छात्रों को क्या मिलेगा?

• श्री चैतन्य महाप्रभु की सम्पूर्ण जीवन-यात्रा की समग्र समझ

• चैतन्य चरितामृत की कथा-धारा और क्रम की स्पष्ट पहचान

• भक्ति-भावों को दैनिक जीवन में अपनाने की प्रेरणा

• संकीर्तन आंदोलन के करुणामय संदेश की गहरी अनुभूति

• आध्यात्मिक स्थिरता, शांति और साधना में दृढ़ता


इस पाठ्यक्रम में क्यों भाग लेना चाहिए?

• चैतन्य चरितामृत को जीवंत दिव्य कथा के रूप में अनुभव करने के लिए

• श्रवण एवं चिंतन के माध्यम से भक्ति को गहरा करने के लिए

• महाप्रभु के जीवन, भाव से जुड़ने के लिए

• नियमित साधना एवं आध्यात्मिक प्रेरणा प्राप्त करने के लिए

Frequently Asked Questions